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बेबी की पॉटी के रंग से जान सकते हैं उसकी सेहत का हाल, डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की नहीं पड़ेगी जरूरत
बेबी की पॉटी के रंग से जान सकते हैं उसकी सेहत का हाल, डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की नहीं पड़ेगी जरूरत
नवजात शिशॠका पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की वजह से उसके मल का रंग बदलता है। इसकी मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह शिशॠकी बà¥à¤¤à¥€ उमà¥à¤°, उसका खान-पान और उसका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ होता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ और फारà¥à¤®à¥‚ला फीडिंग की à¤à¥€ वजह से कई बार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मल का रंग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। जैसे जानकारी के लिठमान लीजिठकि बचà¥à¤šà¥‡ के मल का रंग लाल या सफेद होना सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के बारे में आपको जानकारी दे सकता है। आइà¤, जानते हैं बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मल के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रंगों और उनसे जà¥à¥œà¥€ चेतावनी के बारे में।
​काले रंग का मल
काले रंग के मल को 14 दिन से छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ माना जाता है, लेकिन अगर उसके बाद à¤à¥€ यह चीज जारी रहती है तो यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से जà¥à¥œà¥‡ संकेत आपको दे सकता है।
à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® लेने के बाद, उसके जीवन के पहले 24 घंटों के à¤à¥€à¤¤à¤° वह मेकोनियम बाहर निकालता है, जिसका रंग काला होता है। गरà¥à¤ में पितà¥à¤¤ और बलगम को निगलने की वजह से मेकोनियम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है।
मेकोनियम गंधहीन होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह रोगाणà¥à¤¹à¥€à¤¨ होता है। फिर धीरे-धीरे मेकोनियम अपने रंग को बदलता है, जैसे काले से और गहरे रंग में और उसके बाद पीले रंग में वह तबà¥à¤¦à¥€à¤² हो जाता है।
लेकिन शिशॠके जनà¥à¤® के à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ बाद à¤à¥€ इस मेकोनियम को काला नहीं होना चाहिà¤à¥¤ काला रंग जारी रहने पर चिकितà¥à¤¸à¤•ीय सहायता लें। यह गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ का संकेत दे सकता है।
​पीले रंग का मल
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराठजाने वाले शिशॠके मल आमतौर पर गहरे पीले रंग के होते हैं और उनमें छोटे-छोटे धबà¥à¤¬à¥‡ होते हैं। यह छोटे-छोटे फà¥à¤²à¥€à¤•à¥à¤¸ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤²à¥à¤• से बने होते हैं और पूरी तरह से हानिरहित होते हैं। जिन शिशà¥à¤“ं को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराया जाता है, उनके मल को अकà¥à¤¸à¤° बीजयà¥à¤•à¥à¤¤ के रूप में जाना जाता है।
​à¤à¥‚रा या नारंगी रंग का मल
à¤à¥‚रा रंग या मल का नारंगी रंग का होना उन शिशà¥à¤“ं में आम होता है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फारà¥à¤®à¥‚ला फीडिंग की वजह से दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। जब कोई बचà¥à¤šà¤¾ फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है, तो उसका मल हलà¥à¤•ा à¤à¥‚रा या नारंगी रंग का हो जाता है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के मल की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में फारà¥à¤®à¥‚ला फीडिंग वाले बचà¥à¤šà¥‡ का मल थोड़ा गहरा और हारà¥à¤¡ होता है।
​हरे रंग का मल
शिशà¥à¤“ं में हरे रंग का मल होना à¤à¥€ आम होता है। हरे रंग का मल होने के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण बचà¥à¤šà¥‡ में सरà¥à¤¦à¥€, पेट में कीड़े, खादà¥à¤¯ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं से परहेज आदि हो सकते हैं।
शिशॠमें हरे रंग के मल का à¤à¤• कारण यह à¤à¥€ होता है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली मां का पीलिया का इलाज चल रहा हो या उसके पाचन तंतà¥à¤° में कोई समसà¥à¤¯à¤¾ हो गई है। अगर बचà¥à¤šà¥‡ का वजन बढ़ रहा है और वह खà¥à¤¶ दिख रहा है, तो गà¥à¤°à¥€à¤¨ पूप से घबराने की कोई बात नहीं है।
​लाल रंग का मल
शिशà¥à¤“ं में लाल रंग का मल अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संकेत नहीं होता। लाल मल का मतलब यह हो सकता है कि मल में खून है। यह संकेत दे सकता है कि बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अचà¥à¤›à¥€ नहीं है या उसने खून का सेवन कर लिया है।
यदि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली मां के निपà¥à¤ªà¤² टूट गठहैं या वहां से खून बह रहा है, तो à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ के नीचे से खून बहना लाल मल का à¤à¤• अनà¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ बन जाता है।
​सफेद रंग का मल
सफेद रंग का मल à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ संकेत नहीं है। सफेद मल दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है और यह लिवर की समसà¥à¤¯à¤¾ का संकेत दे सकता है। पीलिया नवजात शिशà¥à¤“ं में आम है और उनके जीवन के पहले कà¥à¤› दिनों में खà¥à¤¦ ही दूर हो जाता है।
यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® के 14 दिनों के बाद à¤à¥€ पीलिया है और उसका मल पीला या सफेद है, तो यह लिवर की बीमारी का संकेत हो सकता है। शिशॠमें पीलिया के लिठपीला पेशाब à¤à¤• और चेतावनी संकेत है।
​à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लें डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह
शिशॠके मल का रंग बढ़ने के साथ ही बदल जाता है। रंग में बदलाव इसलिठहो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡ ठोस खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं या मल में अपचित à¤à¥‹à¤œà¤¨ होता है।
यदि बचà¥à¤šà¥‡ का मल पीला या सफेद है, तो बचà¥à¤šà¥‡ के बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° की जांच की जानी चाहिà¤à¥¤ मल में बहà¥à¤¤ अधिक बलगम à¤à¥€ किसी संकà¥à¤°à¤®à¤£ का संकेत दे सकता है।
पीले रंग के अलावा कोई à¤à¥€ रंग का मल यदि à¤à¤• या दो दिन से अधिक समय तक बना रहता है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को सूचित किया जाना चाहिà¤à¥¤
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